पटना: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब राज्य में Time of Day (ToD) टैरिफ सिस्टम लागू हो गया है, जिसके तहत बिजली का बिल दिन के अलग-अलग समय के अनुसार तय किया जाएगा। इस नई व्यवस्था में दिन के समय बिजली सस्ती मिलेगी, जबकि शाम के समय में बिजली महंगी हो जाएगी। बिहार विद्युत नियामक आयोग (बीईआरसी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल, 2026 से शुरू) के लिए बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं करने कीघोषणा की है। प्रमुख घोषणाओं में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली, शहरी उपभोक्ताओं के लिए सरल एकल टैरिफ दर (125 यूनिट से अधिक उपयोग पर ₹1.53 प्रति यूनिट तक की कमी) और टाइम-ऑफ-डे (टीओडी) बिलिंग प्रणाली की शुरुआत शामिल है।
क्या है ToD टैरिफ सिस्टम?
ToD (Time of Day) टैरिफ एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें बिजली की कीमत पूरे दिन एक जैसी नहीं रहती। इसे अलग-अलग समय के स्लॉट में बांटा जाता है, ताकि बिजली की खपत को संतुलित किया जा सके। इसके कारण टाइम-ऑफ-डे बिलिंग प्रणाली की शुरुआत की गई है | ऐसे मे लोगों को गलत संदेश जा रहा है की सरकार ने बिजली की दर को महंगा कर दिया है , लेकिन यह पूरा सच नहीं है | टाइम-ऑफ-डे बिल प्रणाली सिस्टम से सभी उपभोक्ताओ को समए से बिजली मिलेगी |
इस सिस्टम के तहत दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
- सुबह के समए बिजली की दर कम रहेंगे |
- शाम के समए दर थोड़े महंगे हो जाएंगे |
- रात को 11 बजे के बाद दर फिर कम हो जाएंगे |
दिन को तीन भागों में बांटा गया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ-पीक समय है। इस दौरान बिजली 20 प्रतिशत सस्ती रहेगी। घरेलू उपभोक्ताओं को सामान्य दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट की जगह केवल 5.94 रुपये प्रति यूनिट देना होगा।जबकि शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 प्रतिशत ज्यादा यानी 8.16 रुपये प्रति यूनिट लगेगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत ज्यादा यानी 120 प्रतिशत दर चुकानी पड़ेगी। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी।
इस बदलाव का सीधा असर आम लोगों के बिजली बिल पर पड़ेगा।

- शाम के समय ज्यादा बिजली उपयोग करने वालों का बिल बढ़ सकता है
- दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर बिल कम आ सकता है
- AC, गीजर, वॉशिंग मशीन जैसे भारी उपकरण दिन में चलाना फायदेमंद रहेगा
बिजली विभाग के अनुसार, ToD टैरिफ लागू करने का मुख्य उद्देश्य पीक टाइम में लोड कम करना और बिजली की मांग को संतुलित करना है। इससे बिजली व्यवस्था ज्यादा स्थिर और प्रभावी बनेगी।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
- शाम 6 से 10 बजे के बीच बिजली का कम इस्तेमाल करें
- भारी उपकरण दिन के समय चलाएं
- स्मार्ट मीटर और बिल की जानकारी पर नजर रखें





